Monday, November 28, 2022

हनुमान जी कितने शक्तिशाली है? । हनुमान जी आज भी जिंदा है

 

दोस्तो भगवान श्री हनुमान हिंदू धर्म में सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवताओं में से एक है। सभी देवता गण हनुमान जी को उनके साहस शक्ति और उनकी सुरक्षा की दियवता के लिए जानते हैं। कहते है की हनुमान जी ज्यादा शक्तिशाली था कि रामसेतु पुल के निर्माण के समय वह अपनी ही शक्ति को भूल गया था। 

हनुमान जी कितने शक्तिशाली है? । हनुमान जी आज भी जिंदा है


लेकिन जब उन्हे उनकी शक्तियां याद कराई गई तो उन्होंने एक छलांग में सागर को पार कर दिया जो कि लंका जाने में कठिन चुनौती के रूप में सामने था । दोस्तो हनुमान जी में इसे कई रहस्यमय गुण और शक्तियां थे। की अगर वह चाहते तो सीता माता को चुटकियों में रावण की लंका से वापस प्रभु श्रीराम के पास से ले आते । आज के इस पोस्ट में हम आपको हनुमान जी के कुछ ऐसे ही रहस्यमय शक्तियां के बारे में बताने वाले हैं । 


हनुमान जी कितने शक्तिशाली है? । हनुमान जी आज भी जिंदा है

No.1 दोस्तो बचपन से ही हनुमान जी ने अपनी शक्तियों के पैंतरा दिखाने शुरू कर दीए थे । जब हनुमान जी छोटे थे तो एक बार उन्होंने सूरज को आम समझ कर खाने की कोशिश की थी । और आसमान की तरह उड़ने लगा और कुछ ही पलों में हनुमान जी ने सूरज को अपने मुंह में भर लिया। 


सूरज में इतने आग होने के बाबजूद भी  हनुमान जी ने उसे अपने मुंह में भर लिया । सूरज को मुंह में भरने के बाद पूरे जहान में अंधेरा हो गया था और हर कोई भगवान से गुहार कर रहा था कि आप कुछ करें । इतनी  परेशानी देखकर देवताओं के राजा इंद्र देव ने अपने वज्र से हनुमान जी पर प्रहार किया वो वज्र हनुमान जी के जवड़े पर लगा । 


और हनुमान जी के जबड़े की आकृति थोड़ी बदल गए। जिस वजह से उन्हें हनुमान ना मिला क्योंकि हम का मतलब होता है खराब जवाडे वाला। लेकिन इस वज्र के प्रहार से भी  हनुमान जी ने सूरज को अपने से बाहर नहीं निकाला तब सारे देवताओं ने मिलकर हनुमान जी से प्रार्थना के की प्रभू हम आपको पहचान नहीं पाएं । 


इस सूर्य के बीना लोगो को बहुत परेशानी होगी। कृपया अपने आजाद कर दे।  घंटों की मशक्कत के बाद हनुमान जी ने सूरज देवता को अपने मुंह से निकाल दिया। दोस्तो जब सूरज को अपने मुंह में कैद कर ले । उस की शक्ति का अंदाजा लगाना नामुमकिन है। 


No.2 हनुमान जी क्यों है सभी देवताओं से अलग 

दोस्तो हनुमानजी को प्रमुख देव इसलिए माना जाता है क्योंकि उन्हें भगवान श्रीराम का वरदान है की वो  इस कलयुग के अंत तक धरती पर रहेंगे । जी हां दोस्तों दरअसल हनुमान जी चार कारणों से लगभग सभी देवताओं से सरस्त है क्योंकि हर देवता अपने पूरी शक्ति के लिए किसी दूसरे देवी या देवता पर आश्रित है । 


जैसे कि वैष्णो की बिना लक्ष्मी जी के शक्तिहीन है । शिवजी बिना पार्वती के शक्तिविहीन है ।  लेकिन हनुमान जी के पास खुद की शक्तियां हैं और उन्हें अपने हिसाब से वश में कर सकते हैं और दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि इतनी ज्यादा मात्रा में शक्तियां होने के बाद भी हनुमान जी ने अपनी शक्तियों का घमंड नहीं किया और  नहीं कभी किसी पर अपनी शक्तियों का वेवजह परेशान किया । 


इतना सब होने के बाद भी उन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया और सबसे बड़ी बात यह है कि हनुमान जी के बारे में पुराणों में भी लिखा है कि वो आज भी इस कलयुग में अपने शरीर के साथ कहीं ना कहीं मौजूद है और समय आने पर वह जरूरत ना रूप दिखायेंगे । कहते है की पूरे ब्रह्मांड में ईश्वर के बाद अगर कोई शक्ति है तो वह हनुमान जी की शक्ति है और कोई भी दूसरी शक्ति हनुमान जी के शक्ति के सामने नहीं रह सकते हैं । 


No.3 ऋषि-मुनियों ने दिया था शक्ति को भूलने का श्राप 

दोस्तो हनुमान जी बचपन से ही बहुत शैतान थे । वह हमेशा शरारत के मूड में रहते थे । वो जंगल में रहने वाले ऋषि मुनियों को बहुत परेशान करता था। उनके नटखट पन से परेशान होकर एक बार एक ऋषि ने उनको श्राफ दिया कि वह अपनी सारी शक्तियों को इस छन भूल जाएं । 


जब माता अंजनी को इस बात का पता चला तो माता ने हनुमान जी की भूल का पश्चाताप किया और ऋषि के पास जाकर उनसे क्षमा मांगे तो ऋषि ने बताया कि जब उसे शक्ति की सबसे ज्यादा आवश्यकता होगी और उसे कोई याद दिलाएगा तो उसे अपनी सारी शक्तियों का स्मरण हो जाएगा और यह घटना तब घटी हुई थी । जब लंका जाने के लिए समुद्र पार करना था। आपको बता दें। की हनुमान जी को शक्तियां शुग्रहि ने याद दिलाई थी । 


No.4 हनुमान जी का राम के प्रति अटूट प्रेम 

एक बार हनुमान जी ने माता सीता को अपने बालों में सिंदूर लगाते हुए देखा। उन्होंने माता सीता से पूछा कि वो आखिर ऐसा क्यों करते हैं। तब माता सीता ने उत्तर दिया कि ये भगवान राम की लंबी आयु के लिए है । हनुमान ने सोचा कि अगर बालों में सिर्फ एक चुटकी सिंदूर भगवान राम के जीवन की लंबी उम्र बढ़ा सकता है। तो क्यों ना उसे पूरे शरीर पर लगाया जाए।इसके बाद हनुमान जी ने अपने प्रभु राम की लंबी उम्र के लिए अपने पूरे बदन पर सिंदूर लगा लिया। तभी से उन्हें बजरंगबली के नाम से जाना जाता है। 


No.5 क्या राम जी से बड़े थे हनुमान जी 

दोस्तो भले ही हनुमान जी ने भगवान श्री राम के सेवक के रूप में अपना जीवन बिताया हो, लेकिन क्या आपको पता है कि हनुमान जी श्री राम जी से उम्र में बड़े थे। जी हां दोस्तो  भगवान राम के जन्म से पहले हनुमान जी का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पूर्णिमा के दिन हुआ था । कहते हैं कि जब आयोधा में श्री राम जन्म हुआ था  ।  तब हनुमान जी को सपना भी आया था कि अब हनुमान जी  को वह काम करना है। जिसके लिए उनका जन्म हुआ है। 


No.6 क्या हनुमान जी ने खुद रामायण को लिखा 

हनुमान जीतने ताकतवर थे । उससे कई ज्यादा देयावन भी थे । दोस्तो हनुमान जी ने रामायण को अपने शब्दों में हिमालय के पहाड़ों पर अपने नाखूनों से लिखा था। लेकीन एक बार जब बाल्मीकि अपने द्वारा लिखी गई रामायण दिखाने के लिए हनुमान से मिलने गए तो हनुमान जी ने वाल्मीकि जी  से कहा कि मैंने भी रामायण लिखी है । 


और हनुमान जी अपने द्वारा लिखे हुए रामायण दिखाने के लिए बाल्मीकि को पहाड़ों पर ले गए और वहां पर हनुमान जी पर लिखी हुई रामायण देख कर वाल्मीकि बहुत दुखी हुए थे क्योंकि हनुमान जी द्वारा लिखी हुई रामायण ज्यादा बेहतर थी । और उन्हे ये लगा की उनके लिखी हुई रामायण कोई नही पढ़ेगा । तभी हनुमान जी बाल्मीकि के मन की बात समझ गए और उसी समय अपने नाखून द्वारा लिखी हुई रामायण को नष्ट कर दिया। 


No.7 क्या राम जी हनुमान जी को मारना चाहते थे 

एक बार नारद विश्वामित्र जेसे कई महान संत अयोध्या में मिले । वो बहस कर रहें थी। की वो  क्या राम स्वयं अपने नाम से अधिक शक्तिशाली है। ऋषि नारद ने दावा किया कि राम नाम वास्तव में स्वयं राम से अधिक शक्तिशाली है और उन्होंने इसे साबित करने का फैसला किया। नारद की सलाह पर हनुमान ने   विश्वामित्र को छोड़कर सभी राशियों का सम्मान किया क्योंकि वो एक राजा थे । 


क्रोधित विश्वामित्र भगवान राम के पास गए और मांग की कि हनुमान को उनके आश्रम में व्यवहार के लिए मृत्युदंड दिया जाए । अब क्योंकि विश्वामित्र भगवान राम के गुरू थे । तो वो उनके आदेशों को अस्वीकार नहीं कर सकते थे। हनुमान जी असमंजस में थे के नाम उनकी जान क्यों लेना चाहेंगे । लेकीन तब नारद ने उनको चिंता ना करने और  राम नाम का जाप करते रहने के लिए कहा   । 


बाण आए और एक बाद एक अपने बाण चलाएं   लेकीन हनुमान को एक क्रोच तक नही आए । सारा तमाशा देख रहें नारद ने स्वीकार किया ।  की उन्होने हनुमान को भहकाया था जब नारद की बात का बाद पता चला तो वो रुक गए । इस प्रकार ये साबित हो गया की  राम नाम स्वयं भगवान राम से भी बड़ा था।


( Note ) दोस्तो हनुमान जी दुनिया में एक ऐसा देवता हैं । जो सभी के मनोकामना को पूर्ण करती है । दुनिया में सिर्फ हनुमान जी ही एक ऐसा ऐसा देवता हैं । जो आज भी इस कलयुग में जीवित है । और आज भी कही न कही है । 


दोस्तो हमारा उद्देश यह है कि लोगो को सही जानकारी देना है । और लोगो को सही जानकारी से जागरूक करना है । जिससे लोगो के सभी समस्या को दूर कर सके । उम्मीद करता हूं कि ये जानकारी आपको अच्छा लगा होगा । हमारे ब्लॉग के अंत तक बने रहने के लिए आप सभी लोगो को दिल से धन्यवाद ,,,,,,,,,,,,,,,,





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