Sunday, November 20, 2022

इंसान कितना ही अमीर क्यों न बन जाए, तकलीफ बेच नही सकता और सुकून खरीद नही सकता।

 

नमस्कार आप सभी का स्वागत है, श्री कृष्ण कहते हैं जो मनुष्य धन का उपयोग इन 2 कार्यों में करेगा। उसका संपूर्ण धन नष्ट हो जाएगा और उसके घर में लक्ष्मी कभी बास नहीं करेगी। दोस्तों भगवान श्री कृष्ण ने भगवत गीता में मनुष्य के जीवन के कल्याण हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण उपदेश दिए हैं। श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से समस्त संसार को यह अमूल्य ज्ञान प्रदान किया है जो प्रत्येक मनुष्य को अवश्य जान लेना चाहिए। 

इंसान कितना ही अमीर क्यों न बन जाए, तकलीफ बेच नही सकता और सुकून खरीद नही सकता।

इंसान कितना ही अमीर क्यों न बन जाए, तकलीफ बेच नही सकता और सुकून खरीद नही सकता।

गीता के ज्ञान से मनुष्य संसार के सभी सुखों की प्राप्ति कर सकता है। निर्धन भी धनवान बन जाता है और रोगी भी निरोगी बन जाता है। जो भी गीता का ज्ञान प्राप्त कर लेता है। वह कमजोर होते हुए भी बलवान बन जाता है। संसार के सभी दुखो से मुक्ति मनुष्य को केवल भगवत गीता के अध्ययन से ही प्राप्त हो सकती हैं। 


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भगवान श्री कृष्ण ने धन के संबंध में मनुष्य को बहुत ही महत्वपूर्ण उपदेश दिए हैं। धन का उपयोग और दुरुपयोग कैसे किया जाता है। धन के सदुपयोग से मनुष्य को कौन से फलों की प्राप्ति होती है और धन का दुरुपयोग करने पर मनुष्य को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। श्री कृष्ण कहते हैं कि मनुष्य को न्याय के मार्ग पर चलकर धन को प्राप्त करने की छूट है और वह इस धन का उपभोग स्वयं भी कर सकता है। 


गलत काम के धन से क्या होता है ? 

किंतु अन्याय के मार्ग पर चलकर धन प्राप्त करने वाले मनुष्य को घोर विपत्ति का ही सामना करना पड़ता है। अन्याय से प्राप्त किया हुआ धन कभी सुख प्रदान नहीं करता है। चोरी किया हुआ अथवा दूसरों का छीना हुआ धन हमेशा बर्बादी और दुख ही लेकर आता है। श्री कृष्ण के अनुसार कलयुग में सबसे अधिक बुरे काम केवल धन के लिए ही किए जाएंगे। 


धन ही सभी पाप कर्मों का मूल होगा। धन ही मनुष्य के विनाश का कारण बनेगा। यदि धन का सदुपयोग न किया गया तो यह बड़ी ही अनर्थ का कारण बन सकता है। कलयुग में मनुष्य को ईश्वर की भक्ति से नहीं बल्कि धन से ही सुख की प्राप्ति होगी। उसके लिए धर्म ही सर्वोपरि होगा और यही उसके विनाश के लिए कारण भूत होगा। 


श्री कृष्ण के अनुसार धन के कौन से दुरुपयोग हैं ? 

No.1  कुपात्र को दान देना श्री कृष्ण कहते हैं जो अपना धन किसी को पात्र व्यक्ति को देता है। तो उसका धन ही शीघ्र ही नष्ट हो जाता है। लक्ष्मी भी उसके पास से चली जाती है और उसे दरिद्रता का ही सामना करना पड़ता है। अर्थात मनुष्य को अपना धन कभी इसे वक्ति को नहीं देना चाहिए । जो उस घन के लायक ना हो अथवा जो उस धन का सदुपयोग न करता हो, जो व्यक्ति बुरे काम करने वाला है जो धन का उपयोग गलत काम करने के लिए करता है। उसे धन कभी नहीं देना चाहिए। चाहे वह भाई हो अथवा मित्र ही क्यों ना हो, ऐसे व्यक्ति को अपना धन कभी नहीं देना चाहिए।


No.2 जो धन का उपयोग शराब पीने में अथवा जुवा खेलने में करता है। वह धन का नाश कर डालता है जो धन का उपयोग दूसरों को दुख देने के लिए अथवा कोई पाप कर्म करने करता है। उसे धन नहीं पीना चाहिए। 


No.3 सुपात्र को दान न देना श्री कृष्ण कहते हैं। जिस प्रकार से को पात्र को धन देना धन का दुरुपयोग है। उसी प्रकार से किसी सुपात्र व्यक्ति को धन न देना भी धन का दुरुपयोग ही है। अर्थात जो व्यक्ति धन का सदुपयोग करता है उसे तो धन अवश्य ही देना चाहिए जो धन का उपयोग धार्मिक कार्य करने में करता है अथवा धन से गरीब तथा दुखी लोगों की सहायता करता है। 


ऐसे व्यक्ति को धन का दान अवश्य देना चाहिए। जैसे यदि किसी गरीब विधार्थी को पढ़ाई के लिए धन की आवश्यकता है, तो उसे अवश्य देना चाहिए। इस प्रकार से धन का सदुपयोग करने पर मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती है। और उस व्यक्ति के घर में सदैव ही निवास करती है। मां लक्ष्मी की कृपा से उसे और भी अधिक धन की प्राप्ति होगी । 


तो ये थे कुछ कारण जिससे अमीर लोग गरीब बन जाता है । और गरीब लोग अमीर बन जाता है।  तो क्या सवाल है । तो कमेंट बॉक्स में बताएं । आज के लिए इतना ही हमारे साथ जुड़े रहने के लिए आप सभी को धन्यवाद ,,,,,,,,,,,,,,,


अमीर अमीर क्यों है गरीब गरीब क्यों है

लोग गरीब क्यों होते हैं - log garib kyon hote hain ?

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