Friday, September 23, 2022

महाभारत के सबसे शक्तिशाली अस्त्र | महाभारत के सबसे शक्तिशाली हथियार ?


शायद ही कोई महाभारत से अनाजन होगा। ऐसा कोई नहीं जो इसके बारे में जिसने ना सुना हो। इसे भारत की सबसे बड़ी लड़ाई माना जाता है। इस जंग के विवरण बहुत ही बारीकी से किया गया है। उसी से पता चलता है कि उस समय किन-किन हत्यारों से युद्ध लड़ा गया था। 

महाभारत के सबसे शक्तिशाली अस्त्र |  महाभारत के सबसे शक्तिशाली हथियार ?


इंसान आज चाहे कितना ही आगे बढ़ चुका हो । लेकिन आज भी वह महाभारत में इस्तेमाल होने वाले हथियारों जैसे हथियार नहीं बना पाया है। यह ऐसे हथियार जिनको आज भी इंसान नहीं बना पाया है। चलिए आज आपको बताते हैं। महाभारत में कौन-कौन से खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। 


विष्णुजी के सबसे घातक हथियार सुदर्शन चक्र ? 

प्राचीन कथाओं के अनुसार सुदर्शन चक्र को ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली हथियार में एक गिना जाता है। ये भगवान विष्णु की तर्जनी उंगली में रहता है। कहते है कि भगवान विष्णु इस सुदर्शन चक्र को पाने के लिए हजारों साल तक कठोर तपस्या की थी । उनकी इसी तपस्या पर भगवान शिव की नजर पड़ी। 


ओर वो ने भगवान विष्णु को कुछ भी मांगने के लिए कहा उसके बाद भगवान विष्णु ने भगवान शिव से एक ऐसा शक्तिशाली हथियार मांगा जिससे सभी असुर मारे जा सके। तब जाकर उन्हें भगवान शिव ने सुदर्शन चक्र प्रदान किया। कहते हैं दर्शन चक्रवर्ती जो भी लक्ष्य दिया जाता है। वो बिना उसको खत्म किए वापस नहीं आता। महाभारत में श्री कृष्ण के पास यह सुदर्शन चक्र था। 


भगवान शिव के घातक हथियार त्रिशूल ? 

त्रिशूल को हिंदू धार्मि में एक आस्था का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार ये भगवान शिव का अनन्य और बेहद खतरनाक हथियार है। भगवान शिव कहीं भी जाते हैं। अपने साथ त्रिशूल को जरूर रखते हैं। माना जाता है कि इस हथियार का प्रयोग महाभारत और रामायण काल दोनों में किया गया था। 


वहीं से हथियार से भगवान शिव ने अपने पुत्र गणेश का सिर भूलवश धड़ से अलग कर दिया था। भाला की तरह दिखने वाले इस त्रिशूल में आगे की ओर 3 तेज धार चाकू लगे होते हैं। 


भगवान शिव के घातक पशुपतास्त्र हथियार ? 

त्रिशूल की तरह पशुपतास्त्र भी भगवान शिव का अस्त्र है। ये हथियार अविश्वसनीय रूप से बड़ा ही विद्वान कारी माना जाता है। कहा जाता है। कि ये इतना घातक है कि पूरी सृष्टि को नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह देखने में एक तीर की तरह एस को चलाने के लिए एक धनुष का प्रयोग किया जाता है। 


भगवान शिव ने पशुपतास्त्र को महाभारत के नायक अर्जुन को दिया था। बात और है कि अर्जुन ने इस हथियार का दुरुपयोग महाभारत के युद्ध में नहीं किया । असल में अगर वो इस हथियार का प्रयोग कर देते तो पूरी की पूरी सृष्टि नष्ट हो सकते थे। 


भगवान ब्रह्मा जी के घातक ब्रहमास्त्र हथियार ? 

ब्राह्मास्त्र भगवान ब्रह्मा द्वारा बनाया गया हथियार है। पुराणों के अनुसार इसको भी काफी घातक हथियार माना जाता है। एक बार अगर इसे छोड़ दिया जाए तो फिर से रोक पाना मुश्किल होता है। उसको बहुत ही विशेष स्थिति में प्रयोग किया जाता था। यह किसी परमाणु बम से कम नहीं था। 


क्योकि ब्रह्म देव को सनातन धर्म में सृष्टिकर्ता माना जाता है। इसलिए ब्रह्मास्त्र को धर्म और सत्य को कायम रखने के लिए उद्देश्य से बनाया गया था। ऐसा माना जाता है कि जिस जगह पर इसका प्रयोग किया जाता है । वह जगह सालों तक बंजर रहती है। 


भगवान ब्रह्मा के घातक ब्रह्मशीरा हथियार ? 

ब्रह्मशिरा भगवान ब्रह्मा के द्वारा बनाया गया हथियार है। ये उनके सबसे प्रमुख हथियारों में से एक था । ऐसा माना जाता कि ब्रह्मशिरा ब्रह्मास्त्र से 4 गुना अधिक शक्तिशाली था। 


भगवान विष्णु जी के घातक नारायणास्त्र हथियार ? 

नारायणास्त्र भगवान विष्णु का एक प्रमुख हथियार है। इसमे लाखो घातक मिसाइल की  शक्ति थी । इसके बारे में माना जाता है। की यह एक बार लक्ष्य की तरफ निकल जाए तो उसे रोक पाना असंभव ही था। महाभारत युद्ध के दौरान अश्वत्थामा ने पांडवों की सेना पर का प्रयोग किया था। 


भगवान कृष्ण जो विष्णु अवतार हैं। उन्होंने पांडवों और उनके सभी योद्धाओं को हथियार से बचाव का उपाय बताया था। और ने बताया कि जब यह पास आए तो जमीन पर लेट जाएं। यह एक प्रकार की हथियार शक्ति के आगे आत्मसमर्पण जैसा था। उन्होंने यह भी बताया कि हथियार का प्रयोग केवल एक बार ही किया जा सकता है। 


महाभारत के सबसे शक्तिशाली योद्धा ? 

महाभारत युद्ध में कौरवों और पांडवों दोनों में बहुत शक्तिशाली योद्धा थे। इसमें करण वज्र से अर्जुन को मारना चाहता था जो कि युद्ध के समय अभिमन्यु की मृत्यु हो जाती है। इसलिए सभी पांडव अभिमन्यु के अंतिम संस्कार प्रक्रिया में थे। इसका फायदा उठाकर गौरव रात में पांडु पर हमला कर सकते थे। 


भगवान कृष्ण इसको समझते थे। इसलिए उन्होंने भीम से उसके राक्षस पुत्र घटोत्कच को बुलाने को कहा। असल में रात के समय में राक्षसों की शक्ति ज्यादा होती है। ऐसे में जब कौरवों ने पांडवों पर हमला किया तो घटोत्कच काल बनकर पर टूट पड़ा हालकि  उससे बचने के लिए मजबूर दुर्योधन को बज्र का इस्तेमाल करना पड़ा। 


तो दोस्तो ये थे महाभारत के सबसे शक्तिशाली हथियार जो पूरी ब्रह्मांड को खत्म करने के शक्ति था । शुक्र है कि इन सभी हथियारों का इस्तेमाल महाभारत में नही किया गया था । वरना आज पूरी दुनिया बंजर बना होता । 


तो दोस्तो आपको ये सभी महाभारत के हथियार के बारे में क्या कहना है। या फिर आपके मन मे ओर कोई सवाल है। तो comment bo में जरूर बताये । ओर अगर किसी हथियार का नाम भूल गए होंगे । तो वो भी आप हमें comment box में बताये । 


तो आज के लिए बस इतना ही उम्मीद है। जानकरी अच्छा लगा होगा । तो आज के लिए ब इतना ही अब हम चलते है। फिर मिलेंगे नई जानकारी के साथ तब तक हमारे blogg के अंत तक बने रहने के लिये आप सभी को दिल से धन्यवाद ,,,,

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