Friday, November 18, 2022

Internet Data cables kese bichaya jata hai? । फाइबर ऑप्टिक केबल इन हिंदी । इंडिया में इंटरनेट कहां से आता है । इंटरनेट डाटा कैसे बनता है । Optical fibre definition । Optical fibre communication


सिर्फ आपके लिए ही नही हमारे लिए भी ओर आज पूरी दुनिया के लिए internet बेहद जरूर है। internet आज पूरी ग्लोबल इकनॉमी का आधार बन चुका है। लेकिन इस internet की सबसे अनोखी बात ये है। कि आप तक हजारों लाखों किलोमीटर तक का सफर तय करके पहुचता है। जी हाँ आये इस पोस्ट में बताते है। कि internet को आप तक कैसे पहुँचाया जाता है। 

Internet Data cables kese bichaya jata hai? । फाइबर ऑप्टिक केबल इन हिंदी । इंडिया में इंटरनेट कहां से आता है । इंटरनेट डाटा कैसे बनता है । Optical fibre definition । Optical fibre communication


Internet Data cables kese bichaya jata hai? । फाइबर ऑप्टिक केबल इन हिंदी । इंडिया में इंटरनेट कहां से आता है । इंटरनेट डाटा कैसे बनता है । Optical fibre definition । Optical fibre communication

आपने ऑप्टिकल फाइबर केवल का नाम तो सुना ही होगा। ये वही केवल है। जिसके मदद से आप आज high speed internet का मजा ले रहे है। सोच कर देखिए। कि अगर ये ऑप्टिकल फाइबर केवल ना होता तो सायद 4G , 3G , 5G internet speed के सपने सिर्फ - सिर्फ ही रह जाते बस एसे के केवल के वजह से आज पूरी दुनिया internet के मजे ले रही है। 


लेकिन दोस्तो जब एक दोस्त से दूसरे दोस्त केवल को पहुचाने की बात आती है। तो काम कुछ ज्यादा मुश्किल भी हो जाती है। आपको सायद एकिन नही होगा। लेकिन internet को पहुचाने के लिए एक देश से दूसरे देश तक लाखो किलोमीटर तक इस केवल को बिछाया जाता है। 


लाखो किलोमीटर का सफर तय करके केवल एक देश से दूसरे देश तक पहुचते है। इसके बाद internet sarvice provaider इस केवल के जरिये अपने ग्राहकों को internet पहुचाने का काम करते है। लेकिन जब बात भारत की आती है। तो मामला थोड़ा गड़बड़ा जाता है। 


    इंडिया में इंटरनेट कहां से आता है

जेसा की आप जानते है। हमारे भारत के आसपास सिर्फ समुद्र ही समुद्र है। आप सोच कर देखिए। कि आखिर ये केवल समुद्र को लांघ कर केसे आपके देश तक पहुचता है। हमारे देश के तक पहुचते है। इस केवल को बिछाने के लिए बिल्कुल खाश तरह के शिफ़्ट को मोटिफाइ किया जाता है। ये इसी सिफ होती है। 


जिसका सिर्फ एक ही काम होता है। समुद्र में हजारों लाखों किलोमीटर तक इस ऑप्टिक फाइबर केवल को बिछाना आपको बता दे। आज के समय CS सुबीरण and etc , जिसे मरीन केवल आणि ऑप्टिकल फाइबर केवल को समुद्र के अंदर बिछाने का काम करती है। 


इस शिप की सबसे खाश बात ये होती है। कि एक ही बार करीब 2000 किलोमीटर तक का केवल अपने साथ लेकर ट्रविल कर सकते है। इन शिप की वजह से समुद्र के अंदर केवल बिछाना बहुत ही आसान हो गया है। लेकिन जब आप इसके रफ्तार सुनेंगे। तो आप हैरान रह जाएंगे। 


  फाइबर ऑप्टिक केबल इन हिंदी

ये शिव की speed से समुद्र के अंदर केवल बिछाने का काम करती है। वाक्य में लोगो को हैरत में दाल देगा। एक ही दिन में ये करीब 100 से 150 किलोमीटर तक का केवल बिछा देती है। और कई बार ये 200 सो किलोमीटर तक भी पहुंच जाता है। बस इनके speed के कारण आज आप तक high speed internet बड़ी आसानी से पहुंच जाता है। 


लेकिन जरा सोच कर देखिए। कि समुद्र के अतः गहराई में आखिर ये केवल इतने लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रहते होंगे। 


ऑप्टिकल फाइबर केबल की सुरक्षा कैसे करनी चाहिए

असल मे इस तरह के ऑप्टिकल फाइबर केवल को लम्बे समय तक समुद्र के अंदर टिकने के लिए spical तरह के डिजाइन किया जाता है। ऑप्टिकल फाइबर के ऊपर coper mental ओर रबर की कई गैस चढ़ाई जाती है। उसके बाद ही समुद्र के नीचे एसे बिछाने का काम किया जाता है। इसके वजह से ऐसे समरीन केवल कहा जाने लगा है। 


लेकिन इस केवल को बिछाना ओर ओर बनाने में बहुत खर्च आता है। एक प्रोजेस्ट मे करीब 100m से 500 मिलियन Us डॉलर तक का खर्च आ जाता है। तो चलिए अब जानते है। की आखिर इस केवल को समुद्र के अंदर कैसे बिछाया जाता है। 


Internet Data cables kese bichaya jata hai? 

समुद्र तट से थोड़ी दूर पर एक शिप को खड़ा किया जाता है। ये वही शिप होता है। जो केवल बिछाने का काम करता है। शिप में केवल को लोड करने के लिए समुंदर तट से शिप तक केवल पहुचाई जाती है। ये काम पूरी तरह से मेनुवाली होता है। क्योंकि इतना बड़ा जहाज समुद्र तट के करीब नाही आ सकता है। 


नही तो ये पूरी तरीके से फस सकता है। इस केवल को शिप में लोड करने के लिए केवल के एक सिरे को शिप में लगे रोली सिसिसन तक पहुचाया जाता है। इसमे इस केवल को बाधा जाएगा। और दूसरा सिरा समुद्र तट पर होता है। और इस केवल को रिलीज करने का काम करता है। कुछ ही समय मे शिप में लगे रोलीग मशीन 200 हजार किलोमीटर तक जितनी लंबी केवल को रोल को लोड कर लेती है। 


ओर अब ये शिप समुद्र के अंदर केवल बिछाने को बिल्कुल तैयार है। लेकिन अभी और भी बहुत काम बाकी है। केवल को बिछाने से पहले ये तय किया जाता है। कि इस केवल को कोंन से route पर बिछाया जाएगा। 


अगर कोई ऐसा route सामने आता है। जहाँ पर वहाँ की local अथॉरिटी से परमिशन लेनी पड़ेगी। तो बाकायदा परमिशन लिया जाता है। इस पूरे प्रोसेस को जियोलॉजी ओर हुसैन ग्राफिक के टीम मिलकर तैयार करती है। इसके बाद पूरे रूट का सर्वे किया जाता है। सर्वे में ये देखा जाता है। कि कहाँ - कहा पर दिक्कत आ सकती है। 

 

समुंदर के अंदर कई बार पहाड़ भी होते है। इसलिए उन पहाड़ो से हटकर केवल को बिछाने का काम किया जाता है। और अब बारी आती है। इन केवल को समुद्र के अंदर बिछाने की लेकिन आप को बता दे। कि बिछाने से पहले इस बात का भी ध्यान रखा जाता है। कि कोई प्रोडक्ट एरिया तो नही । अगर कोई शिप किसी प्रोटेक्टेड अरिया में केवल बिछाने का काम कर देता है। 


  Optical fibre communication

ओर वो भी बिना परमिशन के तो आपको बता दे। कि इसके लिए इन्हें एक लाख us dollar तक का fine भी देना पड़ सकता है। केवल को समुद्र में बिछाने के लिए शिप को समुद्र से निकल पड़ता है। कि ये route तय किया गया था। उस route में जाने के बाद शिप में लगा एक vlog समुद्र के सतह तक भेजा जाता है। vlog आणि हल जैसा समान जो समुद्र में खुदाई का काम करता है। 


क्योकि खोदने के बाद जो गाढ़ा बनेगा उसे गधे में फाइबर को बिछाया जाता है। ये करना इसीलिए जरूरी है। ताकि केवल पूरी तरह से सुरक्षित रहे। और अगर इसे ऐसे ही समुद्र के सतह पर बिछा दिया गया। तो कोई भी बड़ी wheel या शार्प मछली इसी बड़ी आसानी से काट सकती है। 


Optical fyber को रिपेयरिंग कैसे किया जाता है? 

उसके बाद इनके रिपेयरिंग करना इतना आसान नही होता है।  ये शिप को जिस तरह से डिजाइन किया गया जाता है। कि शिप में लगा vlok एक तरफ गढ़े खोदने का काम करता है। और दूसरी तरफ इसमे लगी मशीन उसी गढ़े में केवल बिछाने का काम करता है। कई बार इन केवल को बिछाने के लिए टायवश यानी कि स्तुब दवस की मदद ली जाती है। ताकि रूट सही तरीके से follow किया जा सके। 


इन daivace के पास एक DPS system होता है। जिससे लगातार शिप में लगे। system track करते रहते है। वही केवल बिछाने के बाद इसमे लगे दूसरे मशीन गढो को काटने का काम करती है। तो लीजिए केवल बिछाने का काम पर पूरा हो जाता है। 


लेकिन आपको बता दे। कि इतने सुरक्षित केवल बिछाने का बाद भी इसमे खरापी आ जाती है। इनके life ज्यादा से ज्यादा 10 साल की होती है। लेकिन बीच - बीच मे कई बार मछलियां ओर समुद्र के अंदर रहने वाला बड़े - बड़े जीव जंतु इस केवल को काट देते है। और कई बार कुछ ऐसी घटना घटित हो जाती है। जिसके वजह से केवल कट जाते है। 


Optional fyber kewal को चीन के कट दिया था?

बिल्कुल इसी से जुड़ा एक किस्सा हमारे सामने आया जो वाक्य में हैरान कर देने वाला था। चीन के एक मछुआरों ने एक बार इस ऑप्टिकल फाइबर केवल को काट दिया था। असल मे हुया कुछ ऐसा जिस मछवारे मछली पकड़ने के लिए जाल फेका तो केवल उसके जाल में फस गया जब उसने जाल को बाहर निकलने के लिए कोशिश की तो जाल निकल नही पाया


क्योकि केवल बहुत ज्यादा वजन था। इसलिए जाल को निकालने के लिए उसने समुंदर के अंदर गोला लगाया और शिधा केवल को काट दिया। लेकिन उसकी इस हरकत के वजह से चीन में रहने वाले करीब 1 लाख users को पूरी तरह से प्रभावित हो गया। इसके अलावा केवल को रिपेयर करने के लिए चीन सरकार को पूरे 3 लाख us dolloar चुकाने पड़े। 


तो दोस्तो आज के लिए इतना ही अब अब उम्मीद करता हूं। कि ये जानकारी आपको अच्छा लगा होगा। तो आज के लिए इतना ही अब हम चलते हैं और फिर मिलेंगे एक नई पोस्ट के साथ तब तक हमारे blogg के अंत तक बने रहने के लिए आप सभी लोगो का दिल से धन्यवाद, ,,,


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