Tuesday, January 10, 2023

हमारा धर्म क्या है ? | what is your religion


धर्म क्या है आखिर धर्म को किस आधार पर बांटा गया है और क्या वाकई में धर्म जैसे कोई चीज होती है।  दोस्तों अगर आप भी मैं हिन्दू हूं। या फिर मैं मुसलमान हूं। जैसी चीजों का गाना गाते हैं। तो ये पोस्ट बिल्कुल आपके लिए है क्योंकि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके आंखे खुल जाएंगे ।

हमारा धर्म क्या है ? | what is your religion


और आपको समझ में आ जाएगा कि धर्म के ठेकेदार की तरह सालों से हम सभी को बेवकूफ बनाते आ रहे हैं और असल मायनों में धर्म क्या है। इतिहास आज का नहीं बल्कि हजारों साल पुराना है जिसका खुलासा विष्णु पुराण से लेकर कुरान और बाइबिल तक में किया गया है। 


बस फर्क सिर्फ इतना है कि आपका ध्यान कभी उस पर गया ही नहीं लेकिन चिंता। मत कीजिए। आज इन सभी बातों से हम पर्दा उठाएंगे और कोशिश करेंगे। आपकी आंखें खुल जाए ताकि आप समझ सकेंगे। असल मायनों में धर्म होता क्या है ।


लेकिन उससे पहले अगर आप जिस भी धर्म से ताल्लुक रखते हैं उसके बारे में हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताना तो चलिए जानते है। 


धर्म क्या है गीता के अनुसार

दोस्तो सबसे पहले हम शुरुआत करेंगे। विष्णु मत्स्य अवतार से एक बार एक राजा जिनका नाम सत्यव्रत था । वह सूर्य नमस्कार करने के लिए एक नदी के किनारे जाते हैं और अपने हाथों में जल भरते वक्त उनके हाथ में छोटी सी मछली आ जाती है। 


जो बोलती है महाराज कृपा करके मुझे वापस नदी में ना डालें। यहां और भी बड़ी मछलियां है। जो मुझे खा जाएंगे । कृपा करके आप मुझे अपने साथ ले चले और मुझे सुरक्षित अपने महल में रख ले । 


महाराज बोलते हैं ठीक है। वो उस मछली को अपने साथ महल ले आते हैं। ओर से बर्तन में डालते हैं तो जैसे ही मछली को बर्तन डालते है। वो मछली बर्तन के आकार की हो जाती है और उसके अंदर फंस जाती है जिसके बाद वह चिल्लाने लगती है। 


महाराज मुझे यहां से निकालिए । मुझे किसी बड़े बर्तन में डालिए ये बर्तन मेरे आकार का नहीं है। महाराज मछली के कितने बड़े आकार को देखकर हैरान हो जाते हैं। ओर तुरंत मछली को बर्तन से निकालते हैं और फिर दूसरे बड़े बर्तन में डाल देते है। 


लेकिन जैसे ही महाराज मछली में बड़े बर्तन में डालते हैं। वैसे ही मछली उस बड़े बर्तन के आकार की हो जाती है। महाराज यह सब देखकर बहुत ही ज्यादा परेशान थे। मछली चिल्लाती महाराज मुझे यहां से निकाल कर एक ओर बड़े बर्तन में डाल दीजिए। 


मछली की हालत को देखकर महाराज को फिर से उस पर दया आ जाती है और उसे बड़े बर्तन में डालते हैं। अब देखते ही देखते मछली पल भर में उस बर्तन के आकार की हो जाती है। जिसके बाद महाराज मछली के सामने अपने हाथ जोड़कर खड़े हो जाते हैं ।


और बोलते हैं। मैं आपको जहां से लेकर आया था । वापस वही छोड़ दूंगा और महाराज ठीक वेसे ही करते है। तभी वो मछली  नदी के आकार की हो जाती है। फिर महाराज उस मछली से पूछते हैं कि आप कौन हैं और आप अपने असली रूप में आइए । 


तब विष्णु भगवान मदद से रूप में प्रकट होते हैं जिसमें आधा  शरीर मछली के रूप में और आधा विष्णु भगवान के रूप में होता है जिसके बाद वह राजा सत्यव्रत को आदेश देते हैं कि आज से 7 दिन बाद ही पूरी धरती पानी में डूब जाएगी और वह सत्यवर्त को आदेश देते हुए बताते हैं।


कि सत्यव्रत आज से तुम को मनु के नाम से जाना जाएगा। तुम्हें एक नाव तैयार  करनी है जिसमें तुम्हें हर एक जानवर के एक एक जोड़े को उस में रखना है। तब जब यह सृष्टि पानी से डूब जाएगी। तो में उस नाव को मैं मछली के रूप में खींचते हुए तुम सभी लोगों को उस प्रलय से बचा लूंगा । 


और सृष्टि का फिर से निर्माण होगा और फिर ऐसा ही होता है। पूरी की पूरी दुनिया पानी में डूब जाती है। तब तक मनु उस नाव को तैयार कर चुके होते हैं और जब प्रलय आती है तो विष्णु भगवान उस नाव को पार करके सभी की जान बचा लेते हैं। 


इस्लाम हजरत अलैहिस्सलाम धर्म क्या है ? 

अब बात करेंगे। इस्लाम से हजरत नूह अलैहिस्सलाम के बारे में कुरान शरीफ के बाद बताती है कि दुनिया में बुराई बढ़ गई और जब इंसान इंसानियत का कत्ल करके हैवान बनने जा रहा था। उस वक्त अल्लाह ताला ने अपने एक नेक बंदे नूह अलैहिस्सलाम को चुना और उन्होंने बोला कि मैं इस धरती की सारी बुराइयों के साथ-साथ इस धरती का विनाश करना चाहता हूं।


और उसका खात्मा करना चाहता हूं। एक माह प्रलय आएगा जब भी पूरी की पूरी धरती पानी में डूब जाएगी। उससे पहले तुम्हें एक बड़ी सी नाव तैयार करनी है। नाव में तुम्हें प्रत्येक जानवर के जोड़ों को रखना। ओर फिर जिस दिन बाद पूरी की पूरी कायनात पानी में डूब जाती है। 


उस दिन वो नाव तैयार होगी। और तुम्हारे साथ - साथ उन सभी जानवरो के जोडो को बचा लिया जाएगा । और फिर ऐसा ही होता है। कुछ दिनों की बाद पूरी की पूरी कायनात पानी मे डूब जाती है। लेकिन उस वक्त तक के नाव तैयार हो   जाती है ।


जिसकी वजह से हजरत नूह अलैहिस्सलाम के साथ बाकि जानवरों के जोड़ों को भी बचा लिया जाता तो दोस्तो ऐसे ही कहानी का जिक्र बाइबल में भी किया गया है। 


बाइबल धर्म के अनुसार धर्म क्या है ? 

ईश्वर नोवा कोई आदेश देते हैं कि आज से कुछ दिन बाद ये पूरी की पूरी धरती पानी में डूब जाएगी। तुम एक ऐसी नाव बनाओ जिसमें दुनिया के तमाम जानवरों के जोड़ों को रखा जा सके और इनको हिफाजत से धरती पर उतारा जाए। जब यह महाप्रलय खत्म हो जाए । ठीक ऐसा ही होता है। 


ईश्वर की बातों को सुनकर नोवा नाव बनाते हैं और जब प्रलय आता है तो उस नाव में नोवा और प्रत्येक जानवरों के जुड़े सुरक्षित बच जाते हैं । जबकि पूरी दुनिया पानी में डूब जाती है और दोस्तों same इसी तरह की कहानी का जिक्र यहूदियों में भी किया गया। 


यहूदियों के अनुसार धर्म क्या है ? 

हमें मालूम है। आप सोच रहे होंगे। यह कहानियां एक ही है जो इतने अलग-अलग तरीकों से क्यों बताया जा रहा है । पर दोस्तों यहां हम चार अलग-अलग धर्मों की बात कर रहे हैं और उन चारों धामों में से एक एक कहानी को उठाया गया है। हा इस बात में कोई शक नहीं है कि यह चारों कहानियां एक ही है ।


भगवान विष्णु के नाव को पाया गया है ? 

और यह भी नहीं कहा जा सकता है कि यह कहानियां काल्पनिक है। इस कहानी से जुड़े सबूत भी मौजूद है। टर्की के एक पहाड़ी पर इस नाव को पाया गया है। यहां तक कि आप इन तस्वीरों में भी देख सकते हैं। यह बात झूठी नहीं है और यह वही पहाड़ है जहा ऐतिहासिक नाव हो पाई गई है।

हमारा धर्म क्या है ? | what is your religion


और दोस्तों सिर्फ इतना ही नहीं वैज्ञानिक के अच्छी खासी टीम ने इस बात को साबित भी किया है। की ये कथन बिल्कुल सच है क्योंकि धरती के पहाड़ पर जो मलबा पाया गया । वह लकड़ी का है और आज से 6000 साल पुराना है और उस में से इसे खाछे बने हुए हैं। 


ऐसे ऐसे डिब्बे बने हुए जिससे साबित होता है कि वहां लोग रहते थे और वह नाव लगभग तीन मंजिला थी ।  जी हां वह कोई छोटी-मोटी नाव नहीं थी बल्कि पूरे 3 मंजिला की विशालकाय नाव थी । जिसने महाप्रलय के समय इंसान और जानवरों को बचाए रखा और नाव में करीब 25 हजार से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियों के जानवरों को रखा जा सकता था। 


यह सारी बातें हम हवा में नहीं कर रहे हैं बल्कि खुद वैज्ञानिकों ने इस बात को साबित किया है जब टर्की में पहली बार ये नाव पाई गई तो लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर 6000 सालों तक की नाव यहां कैसे थी । तो दोस्तो इसका जवाब बहुत ही साधारण तथा टर्की के पास जिस पहाड़ी के हिस्से में यह नाम मौजूद थी ।


वहां सालों तक बर्फ जमी हुई थी। लेकिन जब बर्फ गल कर उतरी तब जा कर ये पता लगा यहाँ एक नाव है। उससे पहले तो बर्फ की वजह से कुछ भी नजर नहीं आता था। पर कभी भी किसी को अंदाजा नहीं हुआ कि बर्फ की  इतनी मोटी चादर के नीचे पृथ्वी का इतना बड़ा रहस्य छुपा होगा। 


अगर आपको हमारी बात पर अब  भी सक है। तो आप खुद ही इस बात की तहकीकात कर सकते हैं। फिर चाहे उसके लिए आपको गूगल बाबा का सहारा लेने पड़े या फिर आप किसी पंडित या मौलाना से पूछ सकते हैं। 

हमारा धर्म क्या है ? | what is your religion


वह कभी भी आपको मना नहीं करेंगे क्योंकि सारी बातें बिल्कुल सच्ची है। हमें लगता कि इससे बड़ा कोई और सबूत आपको देने की जरूरत भी है क्योंकि जो पृथ्वी के इतिहास की कहानी हर धर्म में एक ही बताई जा रही है। 


बस भगवान ओर उसके बंदे का नाम बदल दिया गया। जबकि सच्चाई ये है कि पृथ्वी में महाप्रलय आया था जिससे बचने के लिए एक नेक बंदे ने पृथ्वी के तमाम जानवरों के जोड़ों को उस नाव में बैठाया और उन सभी को सुरक्षित बचा लिया । जिसके बाद ये पृथ्वी  दोबारा से धीरे-धीरे विकसित होने लगी। 


पूरा इंसान एक ही मनुष्य का वंश है ? 

हम सभी उसी एक इंसान के वंशज है जिसने महाप्रलय के समय पर इंसानों के सूत्र को बचाए रखा। 100 बातों के एक  बात। हम चाहे जितना भी हाथ पैर मार ले हमारे पूर्वज एक ही है। फिर इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप हिंदू या मुसलमान आप चर्च में जाकर गॉड के सामने कैंडल जलाते हैं या फिर गुरुद्वारा में जाकर माथा टेकते हैं। 


मंदिर में भगवान के आगे घंटियां बजाते हैं या फिर मजार में चादर चढ़ाते हैं। हम सभी एक ही तरह के खून से बने हैं। हमारा दिमाग ही की तरह से चलता हमारे शरीर की बनावट भी की तरह की है। इसमें धर्म और जाति की कोई बात आती ही नहीं है।


यह तो हम इंसान का छोटा दिमाग है जिसने अपने ही भाई बंधुओं को धर्म और जाति के नाम पर बांट रखा है। अगर आपको धर्म को इतना ही सीरियसली लेना है तो आप अपने धर्म से जुड़ी मान्यताएं जिसकी इज्जत करिए और बेशक उसे फॉलो कीजिए ।


लेकिन किसी दूसरे धर्म का अपमान करना भी कहीं से सही नहीं है। ओर इस बात हमे समझनी होगी तभी हम इस दुनिया को बदल सकते हैं। वरना जब तक हम धर्म के नाम पर नफरत फैलाते रहेंगे। 


तो दोस्तो उम्मीद है। कि ये जानकारी आपको अच्छा लगा होगा । तो आपके मन मे कोई सवाल है। तो comment box में जरूर बताये । हम आपके हर सवालों का जबाब देते है। तो आज के लिए बस इतना ही धन्यवाद ,,,,,


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