Thursday, October 6, 2022

कोयला से हीरा कैसे बनता है? । Koyle se heera kaise banta hai


हमारी धरती का ऊपरी सतह कितना रोचक है , यह तो हम सभी जानते हैं लेकिन हमारी धरती कितने रहस्य को अपने अंदर समेटे हुए हैं। यह बहुत कम ही लोग जानते हैं और आज हमें इस पोस्त में बात करेंगे। धरती के गर्भ में मौजूद हैं। एक ऐसे अजूबों के बारे में जिनसे हम हीरा के नाम से जानते है। 

कोयला से हीरा कैसे बनता है? । Koyle se heera kaise banta hai


जब पृथ्वी पर मौजूद सबसे महंगी और कठोर धातु के रूप में जानी जाती है , लेकिन क्या आपको मालूम है? हीरा सबसे पहली बार किसी और कब मिला था। धरती के गर्भ में इतना अधिक कठोर हीरा बनता कैसे हैं। सैकड़ों किलोमीटर की गहराई में हीरे को निकाला कैसे जाता है। आखिरकार क्यों हीरा किसी की जिंदगी को तबाह कर देता है। आखिर कार क्यों  हीरो न जाने कितने साम्राज्य का अंत कर दिया। 


क्या इंसानों के द्वारा हीरे को बनाया जा सकता है और असली या नकली हीरे की पहचान कैसे की जाती है? अगर आपको यह नहीं मालूम तो इस पोस्ट में अंत तक बने रहना क्योंकि इस पोस्ट में हम आपके इन सवालों के जवाब बताने वाले हैं ,


कोयला से हीरा कैसे बनता है? । Koyle se heera kaise banta hai

वैसे तो भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता है ,  लेकिन भारत को हीरे की धरती कहना भी गलत नही होगा । क्योकि आज से हजारों वर्ष पूर्व भारत में हीरे की खोज हो चुकी थी और इतना ही नहीं 18 वीं शताब्दी तक दुनिया में भारत के अलावा कहीं और हीरा मिलता ही नही था ।  आपको जानकर हैरानी होगी कि 400 अपूर्व ही भारत में हीरे की खोज कर ली गई थी। 


उस वक्त हैदराबाद के गोलकुंडा की खान से हीरे को निकाला जाता था। ओर दुनिया का सबसे अनमोल हीरा कोहिनूर भी भारत के गोलकुंडा खान से ही निकाला गया था जो सदियों तक आकर्षण का केंद्र बना रहा  लेकिन भारत की धरती से निकला हुआ ये best  कीमती हीरा। 


आज पर Briten के महारानी के ताज पर लगा हुआ है और उसे भी दुर्भाग्यपूर्ण बात तो यह है कि हजारों वर्ष पहले से ही जितने हीरे भारत की धरती से निकले थे उनमें से  अधिकतर हीरे  तो लापता है। या फिर विदेशी मिलीजिन की शोभा बढ़ा रहे हैं। हीरा शब्द बोलना जितना आसान है हीरे का बनना उतना ही अधिक जटिल प्रक्रिया है।


       हीरा कहां से निकलता है

वैज्ञानिकों के मुताबिक जमीन से करीब 160 किलोमीटर नीचे बेहद गर्म माहौल होता है जहाँ ऊंचे दबाओ और भयंकर तापमान के बीच कार्बन के एनोड बेहद अनोखे ढंग और मजबूती के साथ एक दूसरे से जुड़कर हीरे में बदल जाते हैं , जिसके बाद ज्वाला मुखी ओर गक्त विधियां और कभी-कभी भूकंप या फिर उल्का पिंड का टकराव इन हीरो को ऊपर ले आता है। 


क्या हीरो को पिघला जा सकता है ? 

आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया का सबसे कठोर धातु होने के बावजूद भी यदि हीरे को ओवन में 763 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया जाए जो चलकर कार्बन डाइऑक्साइड बन जाता है और बिल्कुल भी राख नहीं बचता क्योंकि हीरे 100% कार्बन से बने होते हैं। 


आज के दौर में इंसानों ने इतनी तरक्की कर लिया है कि उसने हीरे को भी कृत्रिम तरीके से बनाना सीख लिया है। असल में हीरा कार्बन के अणुओं को एक समूह होता है जो आपस में करीब करीब होते हैं। आसान भाषा में समझे तो हम लोग जैसे सूटकेस में ठूंस ठूंस कर कपड़ा है। सामान भरते हैं ठीक उसी तरह जब कार्बन के अणुओं को बहुत ज्यादा दबाव और तापमान पर ठूठ ठूठ होकर इकट्ठा किया जाता है।


           हीरा कैसे बनता है

तो हीरा बनता है। मैंने फैक्चरिंग प्लांट्स में बनाए जाने वाले हीरे के लिए ऐसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि कोयले की तरह इंसान और जानवरों के टिशू को भी हीरे में बदला जा सकता है क्योंकि किसी भी जीव का निर्माण मुख्य रूप से पानी और कार्बन के अनुयो से होता है। 


इसी वजह से इंसान और जानवर के टिशू में हाइड्रोजन ऑक्सीजन और कार्बन बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। अगर किसी मृत इंसान या जानवर के शरीर से पूरा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन निकाल दिया जाए तो उसके टिशू में सिर्फ कार्बन बचे। और बाद में इन टिशु को बहुत ज्यादा तापमान और दबाव का इस्तेमाल करके हीरा बनाया जा सकता है। 


दुनिया की कुछ कंपनियां इंसान या जानवर के अवशेष को हीरे में बदलने का काम भी करने लगे है। हालकि ये बहुत महंगा पड़ता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कृत्रिम रूप से तैयार की गई हीरे इतना असली होते हैं क्योंकि पहचान करना किसी जौहरी के बस की बात ही नहीं होते है।


इन सब के अलावा कुछ वैज्ञानिकों ने पीनट बटर को भी हीरे में बदलना सीख लिया है। बुनी हुई मूंगफली को पीसकर बनाए गए Best जिसे पीनट बटर कहते हैं , इस Best को धरती की सतह से 800 से 900 किलोमीटर नीचे भारी दबाव के बीच रखा जाए तो उसके क्रिस्टल की आणविक संरचना बदल जाती है। 


और वही हीरे में परिवर्तित हो जाता है। अमेरिकी की जमलोकल Insturte  के मुताबिक बेहद गहराई से निकलने वाले हीरे रासायनिक रूप से सुध होते हैं अदभुत रूप से पारदर्शी होते हैं लेकिन इसके बावजूद भी प्रकृतिक भी हीरे को factory में बनाये गए हीरो के बीच फर्क बताना बहुत ही मुश्किल है। 


   असली हीरा को कैसे पहचाने 

केवल एक खास उपकरण से असली हीरे की पहचान हो पाती है। खेर फिर भी कुछ ऐसे तरीके हैं जिससे असली और नकली हीरे की पहचान की जा सकती है। असली हीरे  के अंदर की बनावट उबड़ खाबड़ होती है , 


लेकिन कृत्रिम हीरा अंदर से भी नॉर्मल दिखता है। असली हीरे में कुछ ना कुछ बेहद बारीक खास होते हैं जो 12 से गुणा ताकतवर माइक्रोस्कोप की मदद से देखे जा सकते हैं। आप हीरे को अखबार पर रखें और उसके बाहर से अक्षरों को पढ़ने की कोशिश करें। अगर आपको शब्द बिल्कुल साफ साफ दिख रहे हैं। तो हीरा असली है वरना नकली । 


अगर आप हीरे को पराबैंगनी किरणों में देखेंगे तो असली हीरा नीले रंग की किरण को छोड़ेगा। लेकिन अगर हीरे से हल्की पीली या फिर स्लेटी रंग की रोशनी निकले तो समझ जाइए , हीरा नकली है। असली हीरा पानी में डालते ही डूब जाता है। जबकि नकली हीरा पानी के ऊपर तैरने लगता है। 


     हीरा जहरीला क्यों होता है


वैसे तो दुर्लभ धातुओं हर किसी का ख्वाब होता है लेकिन आप जानकारी होगी कि हीरा भले ही कितना भी महंगा क्यों ना हो लेकिन ये best कीमती धातु बहुतों की जिंदगी तबाह कर देता है। ऐसे ही कहानी है दुनिया के सबसे महंगे हीरे कोहिनूर की वैसे तो कोहिनूर शब्द का अर्थ होता है। रोशनी का पहाड़। 


लेकिन ऐसा माना जाता है कि हीरा अभिशप्त है और यही जिस के पास भी रहता है। उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। इस हीरे में कई राज परिवारों को तभा कर दिया। इस साम्राज्य ने इस हीरो को अपने पास रखा लेकिन जिसने भी रखा वह मौत के मुंह में चला गया था ,


ये हीरा जिसके पास भी पहुंचा। उसका परचम शुरू में तो  खूब लहराया लेकिन एक समय के बाद उसका अंत हो गया। यह हीरा  1306 में तब चर्चा में आया जब इसको पहनने वाले एक शख्स ने लिखा जो भी इंसान इस हीरे को पहनेगा   वो संसार पर राज तो करेगा । लेकिन उसके साथ उसका दुर्भाग्य भी शुरू हो जाएगा और आखिरकार हुआ भी यही क्योंकि जिसने भी इस हीरे को अपने पास रखा अभी से उसकी बर्बादी शुरू हो गई। 


कोहिनूर हीरा अपने पूरे इतिहास में अब तक एक बार भी नहीं बिका है। यह तो एक राजा के द्वारा दूसरे राज्य से जीता गया या फिर इनाम भी दिया गया। इसकी कीमत कभी नहीं लग पाई ।  हालकि इसका कीमत क्या हो सकती है। 


10 ग्राम हीरे की कीमत कितनी है? । हीरे की कीमत

इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि आज से 60 साल पहले हांगकांग में एक हीरा 46 मिलियन डॉलर में बिका था जो कि मात्र 24.7 सो क्रीट का था । जब कि कोहिनूर 105.6 कैरेट का है। इस हिसाब से कोहिनूर की वर्तमान कीमत कई billion-dollar हो सकती है। 


लेकिन जानकारों के मुताबिक कोहिनूर के वतर्मान कीमत लगभग एक सौ पचास हजार करोड रुपए है। दुनिया का यह पीस कीमती हीरा कोहिनूर साल 1849 में ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथ लग गया और 18 सो 50 में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के पास पहुंच गया। 


उस वक्त तक यह देश कीमती हीरा 186 कैरेट का था, लेकिन जब भी हीरा ब्रिटेन पहुंचा तो महारानी को पसंद नहीं आया। इसलिए इसका दोबारा कटिंग करवाई गई जिसके बाद यह तो 105.6 कैरेट का ही रह गया। 


कोहिनूर के ब्रिटेन पहुंचने के बाद महारानी विक्टोरिया को कोहिनूर के साबित होने की बात बताये गए। तो महरानी उसे हीरे को अपने अंदाज में जड़वाली और एक order पास किया के साथ को सदैव महिला ही पहनेगी। और यदि कोई पुरुष ब्रिटेन का राजा बनता है। तो ये ताज उसकी जगह उसकी पत्नी पहनेंगे । 


तब से लेकर आज तक ये हीरा ब्रिटिश राजघराने से संबंधित महिलाओं की शोभा बढ़ा रहा है। लेकिन कई इतिहासकारों का मानना है कि महिला द्वारा धारण करने के बावजूद भी इस हीरे का बुरा असर खत्म नहीं हुआ। जब से हीरा ब्रिटेन की महारानी के पास गया है तब से ब्रिटेन साम्राज्य के अंत की शुरुआत भी होने लगी। 


साम्राज्य का अंत अकाल मृत्यु कत्ल बदनामी में कई बार सहन करने के बाद भी आज भी यह हीरा इसी  परिवार के पास ही है। हालांकि कई बार कोहिनूर को वापस अपने मुल्क है। हिंदुस्तान में लाने की मांग होती रहती है। 


मध्यप्रदेश में हीरा कहां पाया जाता है

भारत में हीरे की खदान की बात करें तो यह सिर्फ मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के इलाकों में पाया जाता है। मध्यप्रदेश का बनना फिलहाल देश का इकलौता ऐसा खदान है जहां से हीरा निकाला जाता है। लेकिन हाल ही में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में हीरे का सबसे बड़ा भंडार मिलने का दावा किया जा रहा है। 


यहां पर बक्सवाहा जंगल में 36000000 कैरेट हीरा दबे होने का अनुमान है। लेकिन अफसोस इस हीरे को निकालने के लिए 382 हेक्टेयर जंगल को तबाह कर दिया जाएगा, जिसमें ढाई लाख से भी ज्यादा पेड़ों की कटाई कर दी जाएगी। वहीं दुनिया के सबसे बड़े हीरे की खान करें तो पूरी दुनिया में सबसे अधिक हीरा रूस और अमरीका में पाया जाता है। 


रूस में मिलने वाले हीरे की वजह से ही साबित  संग इतना अधिक शक्तिशाली हो पाया था तो दोस्तों यह थी हीरे से जुड़ी कुछ ऐसी बाते जिसके  के बारे में शायद अब तक आपको मालूम नहीं होगा। यह जानकारी आपको कैसी लगी और हीरो को लेकर आपके मन में और कौन से सवाल होते हैं। हमें कमेंट करके बताना 


तो दोस्तो आज के लिए इतना ही अब हम चलते है। फिर मिलेंगे नई पोस्ट के साथ तब तक हमारे blogg के अंत तक बने रहने के लिए आप सभी लोगो का दिल से धन्यवाद ,,,

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